बीजेपी की रणनीतिक वापसी
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों में प्रचंड जीत हासिल कर आम आदमी पार्टी (आप) के दस वर्षीय शासन का अंत कर दिया है। इस जीत के साथ, बीजेपी 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में वापसी करने में सफल रही।
बीजेपी की इस शानदार वापसी के पीछे कई अहम कारण रहे:
✅ लक्षित जनकल्याण योजनाएँ – बीजेपी ने अपने चुनावी अभियान में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के लिए वित्तीय सहायता जैसी योजनाओं पर जोर दिया, जिससे विभिन्न वर्गों के मतदाताओं का समर्थन मिला।
✅ सक्रिय प्रचार अभियान – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोरदार चुनाव प्रचार किया, जिसमें सरकारी स्कूलों में सुधार, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएँ और बिजली की आपूर्ति जैसे वादे शामिल थे। ये घोषणाएँ उन मतदाताओं को आकर्षित करने में सफल रहीं जो वास्तविक लाभ चाहते थे।
✅ विरोधी लहर का फायदा – आप के दस साल के शासन के बाद मतदाताओं में बदलाव की भावना थी। बीजेपी ने इस अवसर को भुनाते हुए खुद को एक मजबूत विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।
आप की हार के कारण
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा, जिससे उसकी हार हुई:
❌ नेतृत्व संकट – आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल नई दिल्ली सीट से चुनाव हार गए। बीजेपी के प्रवेश वर्मा ने उन्हें 4,089 वोटों से हराया। इसके अलावा, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जैसे वरिष्ठ नेता भी हार गए, जिससे पार्टी नेतृत्व को बड़ा झटका लगा।
❌ भ्रष्टाचार के आरोप – चुनाव से पहले केजरीवाल की गिरफ्तारी और भ्रष्टाचार के आरोपों ने पार्टी की ‘ईमानदार राजनीति’ की छवि को कमजोर कर दिया, जिससे जनता का भरोसा डगमगा गया।
❌ आंतरिक मतभेद – इंडिया गठबंधन में आप और कांग्रेस के बीच तालमेल की कमी दिखी। दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़े, जिससे बीजेपी के खिलाफ संयुक्त मोर्चा नहीं बन पाया।
निष्कर्ष
बीजेपी की रणनीतिक योजनाओं और आक्रामक प्रचार ने जहां उसे जीत दिलाई, वहीं आम आदमी पार्टी की आंतरिक कलह, भ्रष्टाचार के आरोपों और नेतृत्व संकट ने उसकी हार सुनिश्चित कर दी। 2025 के चुनावों ने दिल्ली की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला दिया है, जिसमें बीजेपी ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजधानी की सत्ता पर कब्जा जमा लिया है।